छंद किसे कहते है ये कितने प्रकार के होते है

नमस्कार दोस्तों आज की हमारी इस पोस्ट में हम छंद के बारे में पढ़ेंगे छंद को हमें इस तरह पढ़ना की हम अपने एग्जाम में आने बाले छंद के सारे प्रश्न आसानी से लगा सके मैंने अपने इस पोस्ट में छंद को बहुत की काम भाषा में समझाने का प्रयास किया है।

हमें छंद को पढ़कर ज्ञानी नहीं बनना हमें छंद के बारे में इतना पढ़ना की जिसे पढ़कर हम हमारे एग्जाम में आने बाले हर प्रश्न का आसानी से उत्तर दे सके और इस पोस्ट में यही समझने की कोशिश की है। आशा करता हूँ आपको हमारी ये पोस्ट chhand kise kahate hain पसंद आएगी।

छंद के प्रतिपादक

जिन्हे प्रवर्तक / प्रणेता /जनक / संस्थापक भी कहा जाता है – आचार्य पिंगल

इनका ग्रन्थ – छंदशास्त्र, छंदसूत्र

chhand kise kahate hain छंद की परिभाषा

छंद का शाब्दिक अर्थ – आच्छादन (ढकना )

किसी काव्य वाक्य पंक्ति में यति, गति, तुक , विराम द्वारा जो गेयता उत्पन्न की जाती है उसे छंद कहते है। अर्थात यति, गति, तुक, विराम के विधान द्वारा उत्पन्न गायन छंद कहलाता है।

छंद के उदाहरण

रहिमन पानी रखिये, बिन पानी सब सून।

पानी गए न ऊबरे, मोती मानुष चून।।

छंद को समझने के लिए है सबसे पहले यति, गति, तुक, विराम, लय, चरण, गण क्या होता है इनके बारे में जानना होगा जब तक हम इनके बारे में पूरी तरह से नहीं जानते तो हमें छंद समझ नहीं आएंगे चलिए देखते है।

गति

अगर हम किसी छंद को पढ़ते है जैसे रहिमन पानी राखिये (राखिये को हमें लम्बा खींचा) रखिये में गति है

यति

अल्प विराम या ठहराव

बिन पानी सब सून। राखिये बोलने के बाद जो हमें आगे का छंद बोलने के लिए ठहराव लिए उसे यति कहते है

तुक

रहिमन पानी रखिये, बिन पानी सब सून।

पानी गये न ऊबरे, मोती मानुष चून।।

इस छंद में जो (सून ओर चून ) है उसे ही तुक कहते है क्योकि चुन और सून को पढ़ने पर तुक निकलता है।

विराम

आराम , विश्राम (।,।।) चरण के अंत में विराम होता है।

लय

ताल , तदम्य्ता , तन्मयता को ले कहते है।

चरण

पाद , छंद का चौथा हिस्सा चरण कहलाता है।

लघु मात्रा

(अ, इ, उ, ऋ, ल्,) ये जितनी भी मात्रा है इनको एक मात्रा के रूप में मानते है। और कही भी अगर किसी व्यजन पर ये मात्रा चढ़ती है तो हम गिनती में उसे एक मात्रा मानते है गिनते है तो एक लिखने के स्थान पर “।” का प्रयोग करते है।

जैसे : (जु) या (वि) इसे पुरे को एक मात्रा गिनेंगे।

गुरु मात्रा

आ, ई, ऊ, ए, ऐ, ओ, औ, अं, अ:, इनको हम दो मात्रा मानते है और कही भी अगर हम किसी व्यंजन पर ये मात्रा चढ़ती है तो हम गिनती में उसे दो मात्रा गिनते है दो लिखने के स्थान पर “s” का प्रयोग करते है।

जैसे : (पा) या (वै) यंहा हम दो मात्रा गिनेगें।

छंद को पढ़ने से पहले हम गण निकलना सीखेंगे गण कैसे निकलते है।

गण किसे कहते है?

तीन वर्णो का समूह गण कहलाता है जैसे “नमक” इसमें तीन वर्ण है। गण की संख्या आठ होती है।

गण सूत्र – “य मा ता रा ज भा न स “

इस सूत्र की सहायता से हम गण को निकलना सीखेंगे।

गण के प्रकार

  1. यगण – ISS
  2. मगण – SSS
  3. तगण – SSI
  4. रगण – SIS
  5. जगण – ISI
  6. भगण – SII
  7. नगण – III
  8. सगण – IIS

गण कैसे निकाले?

हमें एग्जाम में एक छंद दे देगा और हमसे बोलेगा की नीचे दिए गए छंद में “कारज” में कौन सा गण है।

अभी हमने ऊपर पढ़ा की तीन वर्णो के समूह को वर्ण कहते है यहाँ तीन वर्णो का समूह है। गण को निकालने के लिए हमें निचे दिए गए तीन वर्णो के समूह पर मात्रा गिन्नी होंगी।

मात्रा गिनने के बाद उन तीन वर्णो की मात्राओ का जो sequnce बन रहा होगा उसे हमें आठ प्रकार के जो वर्ण लिखे है उन से मिलाना होगा जिस गण की मात्रा का sequence छंद में दिए तीन वर्ण के समूह की मात्रा से समानता रखता हो उसे उसी गण का नाम दे देंगे।

S I I I S I

कारज धीरे होत है, काहे होत अधीर

I I I S I I

समय पाय तरुवर फरे, केतक सीचो नीर।।

कारज- S I I इसमें भगण (S I I)होगा क्योकि भगण की मात्रा का sequence भी यही होता है।

अधीर – I S I – जगण

समय – I I I – नगण

केतक – S I I – भगण

छंद के प्रकार

  1. मात्रिक छंद
  2. वर्णिक छंद
  3. मुक्त छंद

मात्रिक छंद

मात्रा के आधार पर छंद की पहचान

किसी भी छंद को पहचानने के लिए हमें छंद के चरण की मात्रा निकालनी होंगी मात्रा निकलना हम आगे सीखेंगे जितनी मात्रा आएंगी वही छंद का प्रकार होगा।

निचे लिस्ट में आपको सारी मात्रा दे रखी है कितनी मात्रा पर कौन सा छंद होगा एग्जाम में छंद पहचानने को ही आता है आपको छंद दे देगा और आपसे पूछेगा बताओ कौन सा छंद है।

छंद का प्रकारमात्राचरण
सोरठा 11 मात्रा4 चरण
बरवै 12 मात्रा 4 चरण
दोहा 13 मात्रा 4 चरण
चौपाई16 मात्रा 4 चरण
(16 मात्रा
पर यति )
रोला24 मात्रा 4 चरण
( 11, 13
पर यति )
गीतिका 26 मात्रा 4 चरण
(14 ,12)
पर यति
उल्लाला 28 मात्रा 4 चरण
कुण्डलिया दोहा+उल्लाला 6 चरण
(2 दोहा + 2 रोला
+ उल्लाला )
या दोहा + रोला
छप्पथ रोला+उल्लाला 6 चरण

मात्रिक छंद के प्रकार

सममात्रिक छंद

जंहा चारो चरणों में सामान मात्राएँ हो

बिषम मात्रिक छंद

जंहा चारो चरणों में अलग अलग मात्राएँ हो।

अर्द्ध सममात्रिक छंद

जंहा चारो चरणों में से किन्ही दो चरणों की समान मात्रा हो।

छंद के उदाहरण

  1. इन पंक्तियों में कौन सा छंद है?

दामिनी दमक रह न घन मांही।

खाल के प्रीति जथा थिर नाही।।

  1. सवैया
  2. दोहा
  3. चौपाई (सही उत्तर)
  4. सोरठा

solution:

इन पंक्तियों में कौन सा छंद है ये बताने के लिए सबसे पहले हमें चरण की मात्राएँ गिननी होंगी

S I I I I I I I I I I S S

दामिनि दमक रह न घन मांही।

खाल के प्रीति जथा थिर नाही।।

जैसा की मैंने आपको ऊपर बताया था की मात्रा कैसे गिननी है हमने प्रत्येक वर्ण के ऊपर मात्रा लगा दी है जिसमे S का मतलब दो मात्राएँ गिननी है और I इसको हमें एक मात्रा गिननी है।

इस हिसाब से यहाँ आपको कुल 16 मात्राएँ मिलेंगी इसका मतलब ये छंद चोपाई होगा।

2. निचे दिए गए छंद के प्रत्येक चरण में कितनी मात्राएँ है –

करते अभिषेक पयोद है, बलिहारी इस वेश की।

है मातृभूमि ! तू सत्य ही, सगुण-मूर्ति सर्वेश की।

  1. 15 से 13 के क्रम से 28
  2. पहले और तीसरे में 12
  3. प्रत्येक चरण में 24
  4. प्रत्येक चरण में 24

solution:

प्रत्येक चरण में मात्राएँ निकलने के लिए हमें दिए गए चारो चरणों की मात्राएँ गिननी होगी

I I S I I S I I S I S I I S S I I S I S = 28

करते अभिषेक पयोद है, बलिहारी इस वेश की।

S S I S I S S I S I I I S I S S I S = 28

है मातृभूमि ! तू सत्य ही, सगुण-मूर्ति सर्वेश की।

वर्णिक छंद

वर्णो के आधार पर छंद की पहचान होती है

मुक्त छंद

जंहा छंद के सामान्य नियम का पालन न किया जाये वे मुक्त छंद केगलते है। इसे रबर छंद या केचुआ छंद या स्वछन्द भी कहते है।

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