Neet क्या है Neet full form in hindi

हम सभी बचपन से ही कुछ ना कुछ बनना चाहते हैं। बढ़ते ज्ञान, बदलती  रूचियों के अनुसार हमारे सपने भी बदलते रहते हैं। हम कई बार अपनी पसंद के कॉलेज और यूनिवर्सिटी में जाने का सपना भी देखते हैं। हमारे इन सपनों को पूरा होने के लिए कठोर परिश्रम करना पड़ता है और कई परीक्षाएं देकर हम उस मंजिल तक पहुंच पाते हैं।

ऐसी ही एक परीक्षा है NEET वे सभी व्यक्ति जो डॉक्टर बनना चाहते हैं उन्हें इस परीक्षा से होकर गुजरना ही पड़ता है। परंतु जैसा कि हम जानते हैं कि आज के समय में चाहे विश्वविद्यालय में प्रवेश पाना हो या अच्छे अंक प्राप्त करने हो, धोखाधड़ी व शोषण जैसी घटनाएं आम बात हो गई हैं।

पैसों के नाम पर सीट बेच दी जाती हैं या फिर बिना परीक्षाओं के लिए विद्यार्थियों को उत्तीर्ण कर दिया जाता है। इन समस्याओं से बचने के लिए भी कुछ नियम आवश्यक हैं। इसके लिए जरूरी है कि राष्ट्रीय स्तर पर एक ही परीक्षा का आयोजन किया जाए और उसी के तहत सभी कॉलेजों में  प्रवेश दिया जाए।

NEET क्या है Neet full form

NEET अर्थात राष्ट्रीय पात्रता प्रवेश परीक्षा (National Eligibility cum Entrance Test) भारतीय मेडिकल और डेंटल कॉलेज में प्रवेश पाने के लिए राष्ट्रीय स्तर की एक योग्यता परीक्षा है। जब हम NEET परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त कर पाते हैं तभी हम भारत के टॉप कॉलेजों में प्रवेश पाने के हकदार बन पाते हैं। इस परीक्षा का आयोजन NTA (National testing agency) द्वारा करवाया जाता है।

परीक्षा के दो स्तर

इस परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करके आप MBBS (मेडिसिन एंड बैचलर ऑफ सर्जरी), BDS (बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी) और Ayush (आयुर्वेद) जैसे विषयों में एडमिशन ले सकते हैं।

हालांकि NEET परीक्षा दो प्रकार की होती है।

जिसमें एक परीक्षा अंडर ग्रेजुएट कोर्स के लिए और दूसरी परीक्षा पोस्टग्रेजुएट कोर्स के लिए होती है।अंडर ग्रेजुएट के तहत हम MBBS व BDS में प्रवेश पाते हैं और पोस्ट ग्रेजुएट में हम MS और MD में प्रवेश पाते हैं।

कैसे और क्यों आया NEET?

पहले यह परीक्षा ‘एआईपीएमटी’ (ऑल इंडिया प्री-मेडिकल टेस्ट) जोकि अखिल भारतीय स्तर पर होती थी और पीएमटी (प्री-मेडिकलटेस्ट) जो कि राज्य स्तर पर  मेडिकल कॉलेज में प्रवेश पाने के लिए होती थी।

पूर्व में यह परीक्षा सीबीएसई (Central Board of Secondary Education) द्वारा आयोजित की जाती थी परंतु 2016 में सरकार ने NEET परीक्षा का आयोजन करने का फैसला किया। ऐसा करने के पीछे प्राइवेट कॉलेज को अपनी मनमानी करने से रोकना था।

सरकार के इस फैसले के बाद निजी कॉलेजों को बड़ी समस्या हुई और उन्होंने इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दायर की। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर सुनवाई के लिए मना कर दिया और यह फैसला दिया कि आने वाली परीक्षा NEET ही होगी।

सुप्रीम कोर्ट का यह भी फैसला था कि NEET परीक्षा का पहला चरण 1 मई को और दूसरा चरण 24 जुलाई को आयोजित किया जाएगा। इसको  लेकर भी छात्रों ने काफी विरोध किया क्योंकि उन्हें लगता था कि जो विद्यार्थी 1 मई को परीक्षा देंगे उन्हें दूसरे चरण के विद्यार्थियों के मुकाबले कम समय मिलेगा। परंतु सुप्रीम कोर्ट ने किसी की अर्जी नहीं मानी और अपने फैसले पर अडिग रहा।

विद्यार्थियों के हित के लिए बड़ा फैसला

यदि हम ध्यानपूर्वक देखें तो यह फैसला विद्यार्थियों के हित के लिए ही था क्योंकि इस प्रकार उन्हें अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग परीक्षा नहीं देनी पड़ेगी। जब तक NEET नहीं था तब तक मेडिकल क्षेत्र में प्रवेश पाने के लिए कम से कम 90 परीक्षाएं आयोजित की जाती थी और एक विद्यार्थी आठ से दस परीक्षाएं देता था।

जिस कारण न केवल विद्यार्थी को मानसिक तनाव होता था बल्कि अलग-अलग परीक्षाओं के लिए आवेदन शुल्क भी जमा करना पड़ता था। इसके साथ साथ अलग-अलग कोर्स तथा उनके लिए किताबें खरीदने का खर्चा अलग से होता था।

परंतु NEET के आने के बाद एक ही परीक्षा देकर अपने पसंद के कॉलेज में प्रवेश  पाया जा सकता है। इस प्रकार नीट ने AIPMT, और स्टेट लेवल CET जैसे DELHI- PMT, MHCET, R-PMT, WBJEE, EAMCET जैसी कई अन्य परीक्षाओं को रिप्लेस कर दिया है।

अन्य कॉलेज भी अब अपनी मनमानी कर के छात्रों का शोषण नहीं करेंगे।  निजी कॉलेज जो अब तक लाखों में सीट खरीदते बेचते थे NEET के द्वारा अब यह धांधली बाजी रुक जाएगी और बिना भेदभाव के सभी को समान रुप से मौका मिलेगा।

इस प्रकार अब मेडिकल क्षेत्र में प्रवेश पाने के लिए एक ही परीक्षा का आयोजन किया जाता है। यह परीक्षा साल में एक बार मई में आयोजित की जाती है। जिसमें लाखों की संख्या में विद्यार्थी आवेदन करते हैं।

परीक्षा के लिए योग्यता

वे सभी व्यक्ति जो  यह परीक्षा देना चाहते हैं,  उन्हें दसवीं के बाद विज्ञान विषय को चुनना होगा और फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी पर विशेष ध्यान देना होगा। NEET परीक्षा के लिए योग्यता इस प्रकार है;

जो भी विद्यार्थी 12वीं की परीक्षा दे चुका है या परीक्षा दे रहा है वह NEET परीक्षा के लिए आवेदन कर सकता है परंतु प्रवेश में पुष्टि के लिए उसे 12वीं में 50% अंक प्राप्त करने होंगे, जबकि अनुसूचित जाति जनजाति तथा अन्य पिछड़ा वर्ग को 12वीं में 40% अंक प्राप्त करने होंगे।

इस परीक्षा को देने के लिए 12वीं में गणित विषय होना अनिवार्य नहीं है। परीक्षा की समय अवधि 3 घंटे की होती है। इसमें बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाते हैं तथा नेगेटिव मार्किंग भी होती है।

NEET के लिए आयु सीमा भी निर्धारित की गई है जहां सामान्य वर्ग के लिए 17 से 25 वर्ष तक की आयु निश्चित की गई है वहीं अनुसूचित जाति/जनजाति/ अन्य पिछड़ा वर्ग/ विकलांग को 30 वर्ष तक के लिए छूट दी गई है।

एक महत्वपूर्ण सवाल यह है कि उम्मीदवार कितनी बार ये परीक्षा दे सकता है? इसका जवाब यह है कि वह कितनी भी बार चाहे NEET की परीक्षा दे सकता है जब तक कि वह निश्चित आयु सीमा को प्राप्त ना कर ले। इस परीक्षा में भौतिकी, रसायन विज्ञान, प्राणी/ जंतु विज्ञान और जीव विज्ञान से बहुविकल्पीय प्रश्न होते हैं।

आवेदन की प्रक्रिया

परीक्षा के लिए आवेदन करने के लिए भी निश्चित प्रक्रिया है इसके लिए आपको सबसे पहले औपचारिक साइट neet.nta.nic.in पर जाना होगा। यहाँ आप अपना रजिस्ट्रेशन आरंभ कर सकते हैं।

इसके बाद आपके सामने एक फार्म खुलेगा जिसमें आप अपनी जरूरी जानकारी भर सकते हैं और दस्तावेज जमा कर सकते हैं। अंतिम चरण में आपको अपनी रजिस्ट्रेशन फीस का भुगतान करना है।

आधार मजबूत होना आवश्यक

परीक्षा के विषय में महत्वपूर्ण जानकारी जान लेने के बाद आपको यह भी ध्यान रखना होगा कि आपकी स्कूली स्तर की पढ़ाई अच्छी तरीके से हुई है। कक्षा 12वीं की सभी अवधारणाऐं आपको अच्छी तरीके से स्पष्ट है।

यदि आपने 12वीं की पढ़ाई अच्छी की है तभी आप NEET परीक्षा को आसानी से पास कर पाएंगे। आपके  जो भी विषय कमजोर है उन पर आप को मजबूत पकड़ बनानी होगी ।

कुछ महत्वपूर्ण बदलाव

वर्ष 2021 में NTA के पास कई सुझाव आये। जिसमें से एक शिकायत यह थी कि NEET परीक्षा का पाठ्यक्रम काफी विस्तृत होता है जिसके कारण बच्चों को पूरी तैयारी करने में समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

इस बात को देखते हुए NTA  ने एक बड़ा फैसला लिया जिसके तहत उसने केमिस्ट्री, फिजिक्स और बायोलॉजी को दो खंडों में विभाजित किया है। जहां खंड A में 35 प्रश्न होंगे जिनका उत्तर देना अनिवार्य है और खंड B में 15 प्रश्न होंगे जिसमें हम 10 प्रश्नों के जवाब दे सकते हैं।

इस प्रकार खंड B में विकल्प प्रदान किए गए हैं। हालांकि यह भी उम्मीद की जा रही थी कि NTA इस दौरान विद्यार्थियों के उम्र को लेकर भी कुछ बदलाव करेगा परंतु उम्र को लेकर कोई भी बदलाव नहीं किया गया है ।

परीक्षा से जुड़े कुछ विवाद

NEET परीक्षा को लेकर आए दिन अखबारों में टेलीविजन में कई खबरें देखने को मिलती है। जहां पर कभी परीक्षा प्रश्न पत्र लीक होने की खबरें होती है तो कभी अनुसूचित जाति / जनजाति तथा विकलांग लोगों के साथ भेदभाव की खबरें होती हैं।

इस विषय पर लेकर कई याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में दी जाती है। जिनमें से कई फैसलों का निष्कर्ष शीघ्र ही आ जाता है तो कई फैसले आगे के लिए टाल दिए जाते हैं।

हालांकि कई बार NEET परीक्षा पर यह भी आरोप लगाया जाता है कि यह सिर्फ बुद्धिमान विद्यार्थियों के लिए आयोजित की जाती है क्योंकि इसका लेवल काफी ऊंचा होता है परंतु हमें यह जानना जरूरी है कि हर साल बहुत बड़ी संख्या में लोग इस परीक्षा के लिए आवेदन करते हैं और आवेदन करने वाले लोगों की संख्या मेडिकल कॉलेज में सीटों की संख्या से 20 गुना अधिक होती है।

ऐसे में प्रश्नपत्र का मुश्किल होना लाजमी है लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि यह किसी एक विशेष वर्ग के विद्यार्थियों के लिए ही बनाया जाता है । वह कोई भी व्यक्ति जो ईमानदारी से अपने परिश्रम से पढ़ाई करें इस परीक्षा को पास कर सकता है और इस परीक्षा को पास करने के बाद वह न केवल भारत के किसी भी सरकारी या प्राइवेट कॉलेज में एडमिशन प्राप्त कर सकता है बल्कि वह विदेश में जाकर भी मेडिकल की पढ़ाई कर सकता है।

कठिन परिश्रम सावधानी की आवश्यकता

तो यह थी NEET परीक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी परंतु इस जानकारी के अतिरिक्त आपको कई अन्य बातों का ध्यान रखना भी जरूरी है। जैसे कि सबसे पहले डॉक्टर बनने का फैसला बहुत सोच समझ कर लेना चाहिए क्योंकि यह विषय कड़ी मेहनत और समय की मांग करता है।

यदि आपने डॉक्टर बनने का फैसला लिया है तो आपको अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। इसके लिए एक नियमित समय सारणी बनाना आवश्यक है ताकि आप तनाव में रहकर पढ़ाई ना करें। 24 घंटे कमरे में बंद रहकर पढ़ने से बेहतर है कि हम एक निश्चित समय सारणी का पालन करें।

अपनी मूलभूत अवधारणाओं को मजबूत करें। यदि आप 12वीं की परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं तो उस परीक्षा की तैयारी अच्छी तरीके से करें क्योंकि इस दौरान न सिर्फ आपकी 12वीं की परीक्षा की तैयारी होगी बल्कि  NEET के लिए भी आप स्वयं को तैयार कर रहे होंगे।

इस प्रकार NEET परीक्षा ने न केवल कई अन्य परीक्षाओं को हटा दिया है बल्कि प्रशासन व विद्यार्थी दोनों की चिंता को कम कर दिया है। इस प्रकार प्रशासन भी आसानी से परीक्षा की तैयारियां कर सकता है और विद्यार्थी भी एक ही परीक्षा के लिए कड़ी मेहनत कर सकते हैं क्योंकि NEET से पहले उनकी यह मेहनत कई हिस्सों में बँट जाया करती थी और वे निजी  कॉलेजों के शोषण का शिकार अलग से होते थे।

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