how to become an ips officer in Hindi

आईपीएस बनने के लिए उम्र सीमा क्या होनी चाहिए? आईपीएस का सिलेबस क्या है? ऐसी तमाम जानकारियां आपको इस आर्टिकल how to become an ips officer in Hindi के अंत तक मिल जाएंगी। तो चलिए कंटेंट की शुरुआत करते हैं-

दोस्तों जो विद्यार्थी आईपीएस अधिकारी बनना चाहते हैं, वह सिविल सर्विस परीक्षा की तैयारी करते हैं। आईपीएस का अर्थ अंग्रेजी में इंडियन पुलिस सर्विस होता है, इसको हिंदी में भारतीय नागरिक सेवा अधिकारी भी कहते हैं।

आईपीएस अधिकारी बनना आसान नहीं है, कि जितना कि लोग सोचते हैं। आईपीएस बनने के लिए सही शिक्षा व गाइडेंस होना बहुत जरूरी है।

इसके साथ साथ आईपीएस की नौकरी पाने के लिए पेशेंस रखना भी बहुत जरूरी होता है। क्योंकि इसकी परीक्षा की तैयारी करने में समय लगता है तथा पेपर भी  आसान नहीं होता।

लेकिन यदि विद्यार्थी कड़ी मेहनत और परिश्रम के साथ आईपीएस एग्जाम की तैयारी करें तो काफी आसानी से इसे पास किया जा सकता है।

इस नौकरी को पाना बहुत सारे विद्यार्थियों का सपना होता है, क्योंकि यह पद प्रथम श्रेणी का पद है। यदि आप भी आईपीएस बनने का सपना देख रहे हैं, तो यह आर्टिकल आपके लिए बहुत हेल्पफुल होने वाला है।

क्योंकि इस आर्टिकल में हम आपको आईपीएस से जुड़ी सभी जानकारियां विस्तार से बताने वाले हैं। जैसे कि आईपीएस बनने की योग्यता होनी चाहिए?

IPS क्या है?

IPS को आम बोलचाल की भाषा में भारतीय पुलिस कहते हैं आईपीएस अधिकारी भारत सरकार के अखिल भारतीय सेवा के अधीन काम करता है।

अंग्रेजों के समय आईपीएस अधिकारी इंपीरियल पुलिस के अंतर्गत काम करता था, तथा इसे इंपीरियल पुलिस के नाम से भी जाना जाता था।

परंतु इसको आजादी के बाद इसका नाम बदलकर आईपीएस अधिकारी रख दिया गया। वर्तमान में आईपीएस अधिकारी अब केंद्र सरकार तथा राज्यों के अधीन काम करती है।

Ips कैसे बने?

आईपीएस बनने के लिए आपको निम्नलिखित चरणों से गुजरना होगा-

how to become an ips officer in Hindi

आईपीएस बनने के लिए अभ्यार्थी को सबसे पहले राज्य की संघ लोक सेवा आयोग की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर आवेदन करना होगा जिनमें से अभ्यार्थी के पास निम्नलिखित दस्तावेजों

  • आवेदक के पास कक्षा 12वीं का अंकपत्र
  • इसके अतिरिक्त आवेदक ने किसी भारत सरकार द्वारा किसी भी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से स्नातक किया हो। यदि कोई अभ्यार्थी स्नातक का लास्ट ईयर है तो भी वह आईपीएस के लिए फॉर्म भर सकता है। यदि आपने बीए बीकॉम बीएससी बीबीए बीसीए बीटेक जैसी डिग्री प्राप्त की हुई है तो आप इस एग्जाम के लिए योग्य माने जाएंगे।
  • आवेदक भारतीय नागरिक होना चाहिए।

आयु सीमा

यदि उम्र सीमा की बात करें तो OBC अभ्यार्थियों के लिए निम्नतम आयु सीमा 21 वर्ष रखी गई है तथा अधिकतम आयु सीमा 35 वर्ष रखी गई है।

सामान्य वर्ग के लिए निम्नतम आयु सीमा 21 वर्ष रखी गई है तथा अधिकतम आयु सीमा 32 वर्ष रखी गई है।

इसके अतिरिक्त अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति यानी कि sc व st के लिए निम्नतम आयु सीमा 21 वर्ष ही रखी गई है, तथा अधिकतम आयु सीमा 35 वर्ष रखी गई है।

अपवाद- जम्मू और कश्मीर के जर्नल कैटेगरी के आवेदन की अधिकतम आयु सीमा 37 वर्ष रखी गई है तथा वहीं पर फिजिकल चैलेंज में भी 10 साल की छूट दी गई है।

इसके अलावा sc-st के लिए 5 वर्षों के लिए छूट दी गई है, यानी कि sc-st 40 वर्ष तक होने पर भी यूपीएससी का फॉर्म भर सकते हैं।

ओबीसी के लिए भी 3 वर्षों की अतिरिक्त छूट दी गई है, यानी कि ओबीसी के भी अभ्यर्थी 38 वर्ष की आयु सीमा तक फॉर्म भर सकते हैं।

लंबाई

आईपीएस बनने के लिए पुरुष उम्मीदवार के लिए 165 सेंटीमीटर लंबाई होनी चाहिए।

आईपीएस बनने के लिए महिला उम्मीदवार के लिए 150 सेंटीमीटर लंबाई होनी चाहिए।

अपवाद- sc-st कैटेगरी के लिए पुरुष उम्मीदवार की लंबाई में 6 (160cm) सेंटीमीटर की छूट दी गई। और महिला उम्मीदवार के लिए 5 (145cm) सेंटीमीटर की छूट दी गई है।

Chest

पुरुष अभ्यार्थी की छाती कम से कम 84 सेंटीमीटर होनी चाहिए तथा महिला अभ्यर्थी की छाती 79 सेंटीमीटर होनी चाहिए।

IPS  से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी

आईपीएस का एग्जाम यूपीएससी कंडक्ट करवाता है, यानी कि अंग्रेजी में UPSC को Union Public Service Commission कहते हैं, जिसका अर्थ हिंदी में संघ लोक सेवा आयोग है।

इसलिए जो भी अभ्यार्थी आईपीएस की तैयारी कर रहा है उसका कहना बिल्कुल गलत होगा, कि वह आईपीएस की तैयारी कर रहा है क्योंकि आईपीएस का एग्जाम यूपीएससी के अंतर्गत ही आता है।

अभ्यार्थी सिविल सर्विसेज के एग्जाम की तैयारी कर रहा होता है। यूपीएससी की परीक्षा प्रत्येक राज्य द्वारा प्रत्येक वर्ष आयोजित की जाती है।

जिसके अंतर्गत विभिन्न पद आते हैं जैसे कि IAS, IFS, IRS व IPS आदि पद शामिल हैं। इसी तरह यूपीएससी में कुल 24 सर्विसेज मौजूद है।

दोस्तों मैं आपको बता दूं कि आईएएस और आईपीएस में कोई अंतर नहीं होता क्योंकि इनका एग्जाम एक ही होता है परंतु आईपीएस पद के लिए फिजिकल टेस्ट को बढ़ा दिया गया है।

IPS Exam देने के लिए आवेदन कैसे करें?

यदि आप आईपीएस बनने के लिए तैयारी कर रहे हैं तो आपको सबसे पहले UPSC की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर फॉर्म को आवेदन करना होगा।

हमने फॉर्म अप्लाई करने के लिए यूपीएससी की ऑफिशियल वेबसाइट का नीचे लिंक दे दिया है, जिस पर आप डायरेक्ट क्लिक करके आवेदन कर सकते हैं।

जब आप शाम को अप्लाई कर देंगे तब कुछ महीनों बाद यूपीएससी द्वारा लिखित परीक्षा कराई जाती है इस लिखित परीक्षा को पास करने के बाद आपको 2 एग्जाम और देने होंगे जिन को mains तथा इंटरव्यू के नाम से जाना जाता है।

Upsc official website-www.upsc.gov.in

IPS Exam pattern

  • लिखित परीक्षा
  • मुख्य परीक्षा
  • इंटरव्यू

लिखित परीक्षा

लिखित परीक्षा यूपीएससी की सबसे पहली परीक्षा होती है जिसमें परीक्षा आयोग द्वारा दो पेपर कराए जाते हैं पहला जनरल स्टडीज तथा दूसरा C-sat, प्रत्येक पेपर 200 नंबर का होता है।

लेकिन दोनों में प्रश्नों की संख्या अलग-अलग होते हैं। जनरल स्टडीज में 100 प्रश्न होते हैं तथा सीसैट में 80 प्रश्न होते हैं। या परीक्षा दो भाषाओं में कराई जाती है हिंदी तथा इंग्लिश आप जिस भाषा में देना चाहे दे सकते हैं।

IPS exam syllabus

इस परीक्षा का पाठ्यक्रम चरणों के अनुसार अलग-अलग है हमने आईपीएस की परीक्षा के सिलेबस को तीनों चरणों में अलग-अलग बांटा है।

Prelims syllabus

जनरल स्टडीज- यह लिखित परीक्षा का पहला पेपर होता है जिसमें कुछ निम्नलिखित सब्जेक्ट से प्रश्न पूछे जाते हैं जैसे करंट अफेयर्स ज्योग्राफी भारतीय संविधान अर्थशास्त्र भारत का इतिहास सामान्य विज्ञान तथा जनरल इश्यूज आज से प्रश्न पूछे जाते हैं।

Paper 1-

  • राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय घटनाएं
  • राष्ट्रीय आंदोलन तथा भारत का इतिहास
  • भारत का भूगोल विश्व का भूगोल
  • भारतीय भौतिक तथा विश्व भौतिक
  • आर्थिक भूगोल
  • संविधान
  • राजनीतिक व्यवस्था
  • सार्वजनिक नीति
  • भारतीय राजनीति और शासन व्यक्तित्व अधिकार तथा उनके मुद्दे आदि।
  • सतत गरीबी,
  • जनसंख्या, सामाजिक क्षेत्र इत्यादि।
  • पर्यावरण संरक्षण
  • जलवायु परिवर्तन,
  • जैव विविधता इत्यादि।

C-sat- यह लिखित परीक्षा का दूसरा पेपर है जिसमें रीजनिंग मैथ इंग्लिश डिसीजन मेकिंग आग से प्रश्न पूछे जाते हैं।

Paper 2

  • कंप्रेशन (समझ)
  • जनरल मानसिक योग्यता
  • समस्याओं का समाधान तथा निर्णय लेना
  • पारस्परिक कौशल तथा संचार कौशल
  • मूल संख्यात्मक संख्याएं जैसे टेबल ग्राफ डाटा चार्ट इत्यादि (कक्षा 10 के स्तर के प्रश्न)

मुख्य परीक्षा (Mains)

प्रीलिम्स परीक्षा पास करने के बाद अभ्यार्थी मुख्य परीक्षा देने होते हैं जिसको आमतौर पर लोग मेंस के नाम से जानते हैं इस परीक्षा में कुल 9 पेपर होते हैं।

जिसमें सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि चार्ट पेपर पर आपको ज्यादा फोकस करने की आवश्यकता है क्योंकि इन्हीं 7 पेपर के आधार पर मेरिट बनाई जाती है।

इसके अलावा दो पेपर के केवल क्वालीफाइंग होते हैं। इन दोनों पेपर के नंबर अकाउंट नहीं किया जाता है, परंतु इन पेपरों मे क्वालीफाइ करने के लिए 33% नंबर लाना आवश्यक है।

जिसमें पहला पेपर अंग्रेजी का होता है तथा दूसरा अपनी चुनी गई लोकल भाषा का।

  1. मुख्य परीक्षा का पहला पेपर जनरल ऐसे का होता है, जिसमें आपको दो निबंध लिखने होते हैं, जो कि 125-125 नंबर के होते हैं।
  2. मुख्य परीक्षा का दूसरा पेपर जनरल स्टडीज का होता है जिसमें इंडियन हिस्ट्री तथा कल्चर एंड विश्व भूगोल वह सामाजिक कल्चर।
  3. मुख्य परीक्षा का तीसरे पेपर में भारतीय संविधान तथा राजनीति विज्ञान सामाजिक न्याय जैसे विषयों से प्रश्न पूछे जाते हैं।
  4. मुख्य परीक्षा के चौथे पेपर में टेक्नोलॉजी अर्थशास्त्र डेवलपमेंट पर्यावरण सुरक्षा एवं डिजास्टर मैनेजमेंट biodiversity से जुड़े हुए प्रश्न पूछे जाते हैं।
  5. पांचवी पेपर में ethics , integrity , aptitude से प्रश्न पूछे जाते हैं। इन सब से यह आशय है कि किसी पार्टिकुलर सब्जेक्ट पर आपकी राय क्या है और आप क्या सोचते हैं। उसी तरह उदाहरण के तौर पर अर्थशास्त्र में अलग-अलग अर्थशास्त्रियों ने भिन्न-भिन्न परिभाषाएं दी है।

Paper 6 & 7

मुख्य परीक्षा का अगला पेपर छठा तथा सातवां जोकि ऑप्शनल होता है, जिसमें से आप अपने अनुसार किसी भी सब्जेक्ट को सेलेक्ट करके परीक्षा को दे सकते हैं।

Interview

फिलिप्स और मेंस परीक्षा पास करने के बाद अभ्यर्थी को इंटरव्यू परीक्षा से गुजरना पड़ता है, जिसमें अधिकतर विद्यार्थी असफल रहते हैं।

यूपीएससी के रह चुके टॉपर बताते हैं, कि ज्यादातर इंटरव्यू में असफल होने का कारण अभ्यार्थी के अंदर कॉन्फिडेंस की कमी, बात करने के तरीके में कमी और इंटरव्यू रूम में आने का तरीका गलत होना।

इसके अतिरिक्त आपस में यह भी बताया कि कैंडिडेट के पहनावे की वजह से कई बार असफल हो जाते हैं।

यदि अभ्यर्थी इंटरव्यू परीक्षा को क्लियर करता करता है, तो वह आईपीएस जैसे पद के योग्य हो जाता है। लेकिन यह पद अभ्यार्थी के रैंक पर निर्धारित करता है, कि वह आईपीएस पद के योग्य है या फिर अन्य पद के योग्य है।

Ips बनने के बाद हमें पद कौन सा मिलेगा?

यह जानना बहुत जरूरी है कि यदि हमने आईपीएस एग्जाम को पास कर लिया तो हमें कौन सा पद दिया जाएगा जी हां आईपीएस अधिकारी बनने पर आपको निम्नलिखित पदों में से एक होगा।

जैसे कि ASP, DSP, SP, SSP, IG, DGP जैसे पद शामिल है। यह पद परीक्षा पास करने के बाद आपकी रैंक के अनुसार से दिए जाते हैं।

यदि आप की रैंक अच्छी होगी तो आपको इन पदों में से जो सबसे बड़ा होगा वापस आपको दिया जाएगा।

आईपीएस बनने के लिए हमने आपको नीचे निम्नलिखित बिंदुओं के द्वारा समझाया हुआ है आप उन बिंदुओं को ध्यानपूर्वक पढ़ें ताकि आप आईपीएस बनने संबंधी सभी जानकारीयां अच्छे से समझ पाए।

IPS को वेतन कितना मिलता है?

आईपीएस की सैलरी सातवें वेतन आयोग के अनुसार ₹56000 प्रतिमाह मिलते हैं, इसके अतिरिक्त आईपीएस ऑफिसर को अन्य सरकारी भत्ता और महंगाई भत्ता दिया जाता है।

यदि उनके भत्ते तथा वेतन को जोड़ दिया जाए तो करीब ₹100000 प्रति माह मिलता है।

IPS परीक्षा की तैयारी कैसे करें?

यूपीएससी की परीक्षा वर्तमान में सबसे बड़ी परीक्षा में से एक है जिसके अंतर्गत विभिन्न उच्च पद मौजूद हैं इसी यूपीएससी परीक्षा के अंतर्गत आईपीएस पद भी आता है।

इस परीक्षा की तैयारी करने के लिए विभिन्न विद्यार्थी प्लेटफार्म ढूंढते हैं कि आखिर कहां से तैयारी करें? तो उनके लिए मेरा यही कहना होगा कि आप यदि शहर में रहते हैं, तो आप अपने मनपसंद कोचिंग संस्थान को चुनकर जो यूपीएससी परीक्षा की तैयारी कर सकते हैं।

लेकिन नए विद्यार्थी जिनके पास इतनी पूंजी नहीं है कि वह किसी कोचिंग संस्थान से पढ़ सके। वह बगैर कोचिंग संस्थान के भी तैयारी करके सफल बन सकते हैं।

लेकिन इस परीक्षा में आपको पेशेंस और लग्न की आवश्यकता है, और मेरे द्वारा बताए गए बिंदुओं को फॉलो करके तैयारी कर सकते हैं।

मुझे जहां तक परीक्षा देने का अनुभव है कि कोई भी विद्यार्थी लगातार कठिन परिश्रम से 18 से 24 महीने के बीच में यूपीएससी की परीक्षा को क्लियर कर सकता है।

विद्यार्थी को अपना टाइम टेबल बनाना होगा तथा कम से कम प्रतिदिन 8 घंटे पढ़ना होगा।

विद्यार्थी प्रतिदिन न्यूज़ पेपर पढ़ना होगा तथा समसामयिक घटनाओं पर प्रतिदिन नजर रखनी होगी।

इसके अतिरिक्त विद्यार्थी को कक्षा 5 से लेकर कक्षा 10 तक की सभी एनसीईआरटी किताबों को पढ़ना होगा।

जब परीक्षा के अंतिम 2 महीने बच्चे हो तब परीक्षार्थी को कठिन परिश्रम व योजनाबद्ध तरीके से पढ़ना होगा।

Conclusion

आपने देखा हमने किस प्रकार विस्तार से आईपीएस परीक्षा के बारे में विस्तार से बताया है आप इन सभी चीजों को फॉलो करके आईपीएस एग्जाम की तैयारी कर सकते हैं

और परीक्षा में सफलता हासिल कर सकते हैं। यदि कंटेंट पसंद आया हो तो हमें कमेंट में अवश्य बताइएगा। और यदि इस कंटेंट से रिलेटेड कोई डाउट हो तो हमें नीचे कमेंट में अवश्य बताइएगा, ताकि हम आपको उत्तर दे सके।

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