आर्थिक नियोजन ECONOMIC PLANNING OF INDIA IMPORTANT TOPIC FOR SSC CGL 2020

आर्थिक नियोजन economic planning

प्राकृतिक और मानवीय संसाधनों का बेहतर रूप से उपयोग में लाना आर्थिक नियोजन economic planning कहलाता है 

भारत में आर्थिक नियोजन economic planning

1934 में एम विश्वरैय्या द्वारा भारत में आर्थिक नियोजन economic planning की चर्चा की गई 

इन्होंने एक किताब लिखी जिसका नाम प्लैंड  Planed Economy For India  था इसमें उन्होंने बताया

कि आर्थिक नियोजन economic planning द्वारा भारत का विकास किया जा सकता है 

1938 में हरिपुरा में कांग्रेस अधिवेशन हुआ उस समय कांग्रेस के अध्यक्ष सुभाष चंद्र बोस थे उन्होंने पंडित जवाहरलाल नेहरु की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई उस कमेटी का नाम National Planing Comittee था 

इस कमेटी ने ब्रिटिश सरकार को बताया कि किस तरह संसाधनों का उपयोग में लाया जाए लेकिन ब्रिटिश सरकार ने उनकी बात नहीं सुनी 

1944 में मुंबई प्लान आया इसकी अध्यक्षता ओदर्सिर दलाल ने की इसमें मुंबई के 8 उद्योगपति शामिल थे इसमें पूंजीवादी विचारधारा शामिल थी उन्होंने लक्ष्य निर्धारित किया कि आने वाले 15 सालों में 10,000 करोड़ रुपए खर्च किए जाएं जिससे भारत की आर्थिक स्थिति ठीक हो जाएगी 

1945 में M.N ROY ने एक योजना बनाई जिसे People’s Plane योजना कहते हैं यह साम्यवादी योजना पर आधारित थी। 

1945 में श्री मन्ना राम द्वारा गांधीजी की विचारधारा पर आधारित गांधीवादी योजना तैयार की इस योजना का उद्देश्य भारत की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाना था 

1947 में भारत के आजाद होने के बाद पंडित जवाहरलाल नेहरू ने एक कमेटी बनाई जिसका नाम economy planing committee आर्थिक नियोजन था

योजना आयोग

योजना आयोग की स्थापना 15 मार्च 1950 को की गई योजना आयोग मंत्रिमंडल प्रस्ताव पर बना इसलिए यह गैर संवैधानिक संगठन था इसलिए यह सलाहकारी संगठन है 

योजना आयोग का अध्यक्ष प्रधानमंत्री होता है क्योंकि उस समय पंडित जवाहरलाल नेहरू ने भारत के प्रधानमंत्री थे जो योजना आयोग के प्रथम अध्यक्ष बने प्रथम उपाध्यक्ष गुलजारीलाल नंदा थे 

इसमें 3 सदस्य होते हैं देश का वित्त मंत्री, गृह मंत्री, रक्षा मंत्री, यह तीनों पदेन सदस्य होते हैं इसमें एक उपाध्यक्ष होता है जिसे कैबिनेट मिनिस्टर का दर्जा प्राप्त होता है इसमें तीन सदस्य पूर्णकालिक तथा तीन सदस्य अंशकालिक होते हैं 

इनका कार्य होता है कि देश की अर्थव्यवस्था को कैसे groth किया जाए किन संसाधनों का उपयोग किया जाए और किस तरह उपयोग किया जाए जिससे देश में डेवलपमेंट हो सके। 

कार्य 

  • संसाधनों का आकलन करना उपयोग में किस तरह लाया जाए 
  • पंचवर्षीय योजना बनाना 
  • योजना की समीक्षा करना 
  • योजना पर सुझाव देना

योजना आयोग में सेंट्रल गवर्नमेंट के ही सदस्य शामिल थे क्योंकि संविधान में लिखा है कि नियोजन समवर्ती सूची का विषय है जिसका मतलब सेंट्रल और स्टेट दोनों को काम करना होता है इसके लिए NDC की स्थापना की गई

राष्ट्रीय विकास परिषद NDC

इसकी स्थापना 6 अगस्त 1952 को की गई इस संगठन में योजना आयोग के सारे सदस्य तथा सभी राज्यों के मुख्यमंत्री और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासक शामिल होते हैं योजना आयोग जब कोई योजना बनाता है तो उसे NDC का अप्रूवल लेना होता है 

भारतीय नियोजन के लक्ष्य

  1. आर्थिक विकास करना 
  2. आत्मनिर्भरता गरीबी 
  3. उन्मूलन रोजगार सृजन करना 
  4. आर्थिक असमानता को दूर करना

पूंजीवादी अर्थव्यवस्था CAPITALIST ECONOMY

राष्ट्रीय आय NATIONAL INCOME

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